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मुफ़्त कुंडली मिलान (गुण मिलान)

वधू और वर की जन्म की जानकारी भरें और देखें 36 में से आपके गुण, कूट-दर-कूट, दोनों के नाड़ी, भकूट और मांगलिक दोष की जाँच के साथ।

NASA JPL के ग्रह डेटा और लाहिड़ी अयनांश से, शास्त्रीय नियमों के अनुसार गणना।

वधू (लड़की)
वर (लड़का)

आपकी जन्म की जानकारी सिर्फ़ इसी जाँच में इस्तेमाल होती है, हम इसे अपने पास नहीं रखते। यह 7 दिन तक इसी डिवाइस पर रहती है, ताकि साइन-अप करने पर आपको दोबारा न भरनी पड़े।

गुण मिलान क्या है?

गुण मिलान, जिसे अष्टकूट मिलान भी कहते हैं, विवाह के लिए दो लोगों को मिलाने का वैदिक ज्योतिष का शास्त्रीय तरीक़ा है। इसमें दोनों के चंद्रमा को देखा जाता है, वह किस राशि और किस नक्षत्र में है, क्योंकि चंद्रमा मन, भावनाओं और रोज़ के स्वभाव को बताता है।

आठ बातों, यानी कूटों, की तुलना होती है। हर कूट के कुछ अंक होते हैं, जिन्हें गुण कहते हैं, और सब मिलकर 36 होते हैं। जितने ज़्यादा गुण मिलें, दोनों का स्वभाव उतनी सहजता से मेल खाता है।

8 कूट और उनके अंक
कूटक्या देखता हैअंक
वर्णस्वभाव और आध्यात्मिक मेल1
वश्यपरस्पर आकर्षण और प्रभाव2
तारासाथ में स्वास्थ्य, भाग्य और कल्याण3
योनिशारीरिक और अंतरंग मेल4
ग्रह मैत्रीमानसिक तालमेल और मित्रता5
गणप्रकृति और व्यवहार6
भकूटप्रेम, परिवार का कल्याण और समृद्धि7
नाड़ीस्वास्थ्य और संतान8
कुल36

स्कोर का अर्थ

18 से कम गुण शास्त्रीय न्यूनतम से नीचे हैं। 18 से 24 स्वीकार्य है, 25 से 32 अच्छा मिलान है, और 33 या उससे ज़्यादा उत्तम है, जो बहुत कम मिलता है।

कुल अंक बस पहली झलक है। 30 गुण वाले जोड़े में भी नाड़ी दोष हो सकता है, और 20 गुण वाले जोड़े की कुंडलियाँ एक-दूसरे को मज़बूती से सहारा दे सकती हैं। इसलिए हर कूट को अलग से पढ़ा जाता है।

नाड़ी और भकूट दोष

नाड़ी (8 अंक) और भकूट (7 अंक) का भार सबसे ज़्यादा है। जब इनमें से किसी में शून्य आए, तो उसे नाड़ी दोष या भकूट दोष कहते हैं, और परिवार आमतौर पर इन्हें सबसे पहले देखते हैं।

दोनों के शास्त्रीय अपवाद हैं। परंपरा से नाड़ी दोष तब भंग माना जाता है जब दोनों की चंद्र राशि एक हो पर नक्षत्र अलग, और भकूट दोष तब जब दोनों चंद्र राशियों के स्वामी मित्र हों या एक ही ग्रह हों।

मिलान में मांगलिक दोष

मांगलिक दोष मंगल के पहले, दूसरे, चौथे, सातवें, आठवें या बारहवें भाव में होने से बनता है। इसे गुणों से अलग, दोनों के लिए जाँचा जाता है, क्योंकि यह बताता है कि मंगल वैवाहिक जीवन में कैसा स्वभाव लाता है।

यह अक्सर भंग हो जाता है: मंगल अपनी या उच्च राशि में हो, मंगल पर गुरु की दृष्टि हो, या दोनों कुंडलियों में मांगलिक दोष का भार बराबर हो। यह टूल आप दोनों के लिए मिले दोष-भंग दिखाता है।

पूरी रिपोर्ट इससे आगे क्यों जाती है

गुण मिलान सिर्फ़ दोनों चंद्रमा पढ़ता है। पूरी कुंडली मिलान रिपोर्ट दोनों संपूर्ण कुंडलियाँ पढ़ती है: सातवाँ भाव और उसका स्वामी, शुक्र, नवांश, वे दशाएँ जिनसे आप साथ गुज़रेंगे, और विवाह का सबसे अच्छा समय।

यह हर कूट को सरल शब्दों में समझाती है, दोनों ओर के मांगलिक दोष को दोष-भंग के साथ तौलती है, और बताती है कि साथ का वैवाहिक जीवन कैसा रहने की संभावना है।

लोग अक्सर पूछते हैं

विवाह के लिए कितने गुण ज़रूरी हैं?

परंपरा से 36 में से कम से कम 18। 25 से ऊपर अच्छा माना जाता है। स्कोर शुरुआत है: दोष और दोनों पूरी कुंडलियाँ भी उतनी ही मायने रखती हैं जितना कुल अंक।

क्या जन्म समय के बिना कुंडली मिलान हो सकता है?

हाँ। गुण मिलान चंद्रमा की राशि और नक्षत्र से होता है, और समय न हो तो चंद्रमा दोपहर का लिया जाता है। चंद्रमा एक दिन में लगभग 13° चलता है, इसलिए सुबह या रात का जन्म पास के नक्षत्र में पड़ सकता है: अनुमानित समय से भी मिलान और सटीक होता है।

क्या 36 में से 36 गुण संभव हैं?

संभव है, पर बहुत दुर्लभ। नाड़ी या भकूट दोष के बिना 28 से 32 गुण पहले से ही बहुत अच्छा मिलान है।

क्या नाम से कुंडली मिलान भी ऐसा ही है?

नहीं। नाम से मिलान में नाम के पहले अक्षर से नक्षत्र का अनुमान लगाया जाता है। जन्म की तारीख़, समय और जगह से मिलान चंद्रमा की असली स्थिति से होता है, जो सटीक है।

क्या मेरी जानकारी सुरक्षित है?

यहाँ भरी गई जन्म की जानकारी सिर्फ़ यह परिणाम निकालने में इस्तेमाल होती है, और हम इसे अपने पास नहीं रखते। खाते की ज़रूरत नहीं। यह 7 दिन तक आपके अपने डिवाइस पर रहती है, ताकि साइन-अप करने पर आपको दोबारा न भरनी पड़े।

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