Vedini · Academy of Vedic Vidya
व्यापार आरंभ मुहूर्त
पहल की आग वाला मेष लग्न, शुभ घड़ी में नई शुरुआत करने वाला
इनके लिए तैयार
करण
12 अक्टूबर 2026 को लिखी गई · 3 अध्याय
आपके लिए एक पत्र
प्रिय करण, आपकी कुंडली की सबसे पहली बात यह है कि मेष लग्न में राहु बैठा है। आप सोचने से पहले शुरू कर देने वाले इंसान हैं, और शुरू करने के बाद अक्सर सारा बोझ खुद उठाते हैं। लग्न के स्वामी मंगल नवम भाव में मज़बूत हैं और चंद्र से आपसी दृष्टि बनाकर राज योग और चंद्र-मंगल योग रचते हैं। यह पहल से कमाने वाला योग है। उधर सप्तम भाव में केतु है, इसलिए साझेदारी और भरोसे के मामलों में आँख खुली रखना आपके लिए ज़रूरी है।
आपकी बुध महादशा 2019 से 2036 तक चल रही है। अभी जुलाई 2026 से दिसंबर 2027 तक बुध/चंद्र अंतर्दशा है, और इसमें दोनों योग सक्रिय हैं। नई शुरुआत के लिए यह अच्छा समय है। व्यापार का कारक बुध आपकी कुंडली में कमज़ोर, अस्त और वक्री है, इसलिए हिसाब, काग़ज़ और वादों पर पैनी नज़र रखिए। दुकान या दफ़्तर खोलने के लिए मेरा पहला चुनाव है शुक्रवार, 20 नवंबर 2026, दोपहर 12:41 से 2:07 तक। आगे पढ़िए, इसके कारण भी बताए हैं।
आपका उत्तर
सबसे पहले शुक्रवार, 20 नवंबर 2026, दोपहर 12:41 से 2:07 तक का समय चुनिए; बाकी चार तिथियाँ क्रम से आपके विकल्प हैं।
शुरुआत का सबसे शुभ दिन
शुक्रवार, 20 नवंबर 2026
इस समय के बीच शुरू करें
दोपहर 12:41 से 2:07 तक
New Delhi, Delhi, India का स्थानीय समय · 86 मिनट
- कुंभ लग्न
- उत्तरा भाद्रपद
- शुक्ल एकादशी
- संपत तारा
यह दिन क्यों
- शुक्ल एकादशी, शुभारंभ के लिए शास्त्रों में शुभ तिथि
- शुक्ल पक्ष का बढ़ता चंद्रमा
- उत्तरा भाद्रपद, व्यापार आरंभ के लिए शास्त्रों का नक्षत्र
- शुक्रवार, शुभ ग्रह का दिन
- ताराबल: जन्म नक्षत्र से संपत तारा, शुभ
- चंद्रबल: जन्म चंद्र से 10वें भाव में चंद्रमा
- कुंभ लग्न, स्थिर राशि, टिकाऊ काम के लिए
उस दिन इन समयों से बचें
- गुलिक काल सुबह 8:07 से 9:27 तक
- राहु काल सुबह 10:46 से दोपहर 12:06 तक
- यमगंड दोपहर 2:46 से शाम 4:05 तक
आपके पाँच सबसे शुभ दिन, क्रम से
विकल्प 2
70 मिनट
गुरुवार, 26 नवंबर 2026
दोपहर 12:17 से 1:27 तक
- कुंभ लग्न
- मृगशिरा
- कृष्ण द्वितीया
- मित्र तारा
कृष्ण द्वितीया, शुभारंभ के लिए शास्त्रों में शुभ तिथि · मृगशिरा, व्यापार आरंभ के लिए शास्त्रों का नक्षत्र · गुरुवार, शुभ ग्रह का दिन · ताराबल: जन्म नक्षत्र से मित्र तारा, शुभ · चंद्रबल: जन्म चंद्र से 1वें भाव में चंद्रमा · कुंभ लग्न, स्थिर राशि, टिकाऊ काम के लिए
उस दिन इन समयों से बचें
- यमगंड सुबह 6:52 से 8:11 तक
- गुलिक काल सुबह 9:30 से 10:49 तक
- राहु काल दोपहर 1:27 से 2:46 तक
विकल्प 3
87 मिनट
बुधवार, 21 अक्टूबर 2026
दोपहर 2:38 से शाम 4:05 तक
- कुंभ लग्न
- धनिष्ठा
- शुक्ल एकादशी
- मित्र तारा
शुक्ल एकादशी, शुभारंभ के लिए शास्त्रों में शुभ तिथि · शुक्ल पक्ष का बढ़ता चंद्रमा · धनिष्ठा, व्यापार आरंभ के लिए शास्त्रों का नक्षत्र · बुधवार, शुभ ग्रह का दिन · ताराबल: जन्म नक्षत्र से मित्र तारा, शुभ · चंद्रबल: जन्म चंद्र से 9वें भाव में, शुक्ल पक्ष में शुभ · कुंभ लग्न, स्थिर राशि, टिकाऊ काम के लिए
उस दिन इन समयों से बचें
- यमगंड सुबह 7:50 से 9:15 तक
- गुलिक काल सुबह 10:40 से दोपहर 12:05 तक
- राहु काल दोपहर 12:05 से 1:30 तक
विकल्प 4
73 मिनट
बुधवार, 11 नवंबर 2026
सुबह 9:30 से 10:43 तक
- धनु लग्न
- अनुराधा
- शुक्ल द्वितीया
- संपत तारा
शुक्ल द्वितीया, शुभारंभ के लिए शास्त्रों में शुभ तिथि · शुक्ल पक्ष का बढ़ता चंद्रमा · अनुराधा, व्यापार आरंभ के लिए शास्त्रों का नक्षत्र · बुधवार, शुभ ग्रह का दिन · ताराबल: जन्म नक्षत्र से संपत तारा, शुभ · चंद्रबल: जन्म चंद्र से 6वें भाव में चंद्रमा
उस दिन इन समयों से बचें
- यमगंड सुबह 8:01 से 9:22 तक
- गुलिक काल सुबह 10:43 से दोपहर 12:05 तक
- ज्येष्ठा नक्षत्र, इस काम के लिए ठीक नहीं सुबह 11:38 से शाम 5:29 तक
- राहु काल दोपहर 12:05 से 1:26 तक
विकल्प 5
68 मिनट
शुक्रवार, 8 जनवरी 2027
दोपहर 1:56 से 3:04 तक
- वृषभ लग्न
- उत्तराषाढ़ा
- शुक्ल प्रतिपदा
- साधक तारा
शुक्ल पक्ष का बढ़ता चंद्रमा · उत्तराषाढ़ा, व्यापार आरंभ के लिए शास्त्रों का नक्षत्र · शुक्रवार, शुभ ग्रह का दिन · ताराबल: जन्म नक्षत्र से साधक तारा, शुभ · चंद्रबल: जन्म चंद्र से 7वें भाव में चंद्रमा · वृषभ लग्न, स्थिर राशि, टिकाऊ काम के लिए
उस दिन इन समयों से बचें
- पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र, इस काम के लिए ठीक नहीं सुबह 7:15 से 9:13 तक
- गुलिक काल सुबह 8:33 से 9:51 तक
- राहु काल सुबह 11:09 से दोपहर 12:27 तक
- यमगंड दोपहर 3:04 से शाम 4:22 तक
यदि इनमें से कोई न जमे
वैकल्पिक 1
51 मिनट
सोमवार, 26 अक्टूबर 2026
दोपहर 2:54 से 3:45 तक
- कुंभ लग्न
- अश्विनी
- कृष्ण प्रतिपदा
- क्षेम तारा
अश्विनी, व्यापार आरंभ के लिए शास्त्रों का नक्षत्र · सोमवार, शुरुआत के लिए सौम्य दिन · ताराबल: जन्म नक्षत्र से क्षेम तारा, शुभ · चंद्रबल: जन्म चंद्र से 11वें भाव में चंद्रमा · कुंभ लग्न, स्थिर राशि, टिकाऊ काम के लिए
उस दिन इन समयों से बचें
- राहु काल सुबह 7:52 से 9:16 तक
- यमगंड सुबह 10:40 से दोपहर 12:04 तक
- गुलिक काल दोपहर 1:29 से 2:53 तक
वैकल्पिक 2
86 मिनट
सोमवार, 12 अक्टूबर 2026
सुबह 9:14 से 10:40 तक
- वृश्चिक लग्न
- स्वाति
- शुक्ल द्वितीया
- परम मित्र तारा
शुक्ल द्वितीया, शुभारंभ के लिए शास्त्रों में शुभ तिथि · शुक्ल पक्ष का बढ़ता चंद्रमा · स्वाति, चर नक्षत्र, शुरुआत के लिए ठीक · सोमवार, शुरुआत के लिए सौम्य दिन · ताराबल: परम मित्र तारा, जन्म नक्षत्र से नौ में सबसे शुभ · चंद्रबल: जन्म चंद्र से 5वें भाव में, शुक्ल पक्ष में शुभ · वृश्चिक लग्न, स्थिर राशि, टिकाऊ काम के लिए
उस दिन इन समयों से बचें
- राहु काल सुबह 7:46 से 9:13 तक
- यमगंड सुबह 10:40 से दोपहर 12:07 तक
- गुलिक काल दोपहर 1:34 से 3:01 तक
आपकी मुख्य तिथियाँ
जून 2019 – जून 2036
बुध महादशा: व्यापार का लंबा आधार · उम्र 33–50
अच्छा समयबुध व्यापार का ग्रह है और 11वें भाव में है, पर अस्त और वक्री होने से सतर्कता और साफ़ काग़ज़ी काम माँगता है।
जुलाई 2026 – दिसंबर 2027
बुध/चंद्र अंतर्दशा, जिसमें सभी तिथियाँ आती हैं · उम्र 40–41
सबसे अच्छा समयजुलाई 2026 से दिसंबर 2027 तक चंद्र की अंतर्दशा है और राजयोग तथा चंद्र-मंगल योग सक्रिय हैं, इसलिए नवंबर 2026 की शुरुआत इसी बल के साथ होगी।
दिसंबर 2027 – दिसंबर 2028
बुध/मंगल अंतर्दशा: विस्तार का दौर · उम्र 41–42
अच्छा समयराज योग और चंद्र-मंगल योग यहाँ भी सक्रिय रहते हैं, इसलिए शुरुआत के बाद काम बढ़ाने और जमाने का अच्छा समय है।
- अभी क्या करें
- शुक्रवार, 20 नवंबर 2026 की घड़ी 12:41 से 2:07 के लिए सारा सामान और कागज़ पहले तैयार रखें और राहु काल के बाद ही शुरुआत करें।
पूरी अवधि एक नज़र में
90 में से 25 शुभ दिन
12 अक्टूबर से 9 जनवरी तक हर दिन, New Delhi, Delhi, India के पंचांग के अनुसार।
अक्टूबर 2026
- 12
- 13
- 14
- 15
- 16
- 17
- 18
- 19
- 20
- 213
- 22
- 23
- 24
- 25
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- 29
- 30
- 31
नवंबर 2026
- 1
- 2
- 3
- 4
- 5
- 6
- 7
- 8
- 9
- 10
- 114
- 12
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- 201
- 21
- 22
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- 262
- 27
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- 29
- 30
दिसंबर 2026
- 1
- 2
- 3
- 4
- 5
- 6
- 7
- 8
- 9
- 10
- 11
- 12
- 13
- 14
- 15
- 16
- 17
- 18
- 19
- 20
- 21
- 22
- 23
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- 25
- 26
- 27
- 28
- 29
- 30
- 31
जनवरी 2027
- 1
- 2
- 3
- 4
- 5
- 6
- 7
- 85
- 9
- चुना गया
- वैकल्पिक
- शुभ
- वर्जित
बाकी दिन क्यों छोड़े गए
- दिन का नक्षत्र इस काम के लिए शास्त्रों में नहीं21 दिन
- जन्म नक्षत्र से अशुभ तारा16 दिन
- उपयोगी समय में रिक्ता तिथि11 दिन
- जन्म चंद्र से आठवें भाव में चंद्रमा (चंद्राष्टम)7 दिन
- उपयोगी समय में विष्टि (भद्रा) करण4 दिन
- व्यतीपात या वैधृति योग3 दिन
- अमावस्या3 दिन
आपने क्या पूछा
- दुकान या दफ़्तर खोलना
- New Delhi, Delhi, India में
- सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 से, 90 दिन
- काम के समय में
जन्म नक्षत्र पुनर्वसु और मिथुन राशि के चंद्रमा से।
एक नज़र में आपकी कुंडली
- लग्न
- मेष
- चंद्र राशि
- मिथुन
- नक्षत्र
- पुनर्वसु
- सूर्य राशि
- मीन
अभी चल रहा है
- बुध महादशाजून 2019 – जून 203643% बीत चुका
- चंद्र अंतर्दशाजुल॰ 2026 – दिस॰ 202719% बीत चुका
आपका जन्म नक्षत्र
पुनर्वसु
- पद 1
- स्वामी गुरु
- चंद्र मिथुन में 21°27′
जन्म के समय आपका चंद्र जिस नक्षत्र में था: इसी से पूरी कुंडली पढ़ी जाती है।
आपके सबसे प्रबल योग
- राजयोग71
- चंद्र-मंगल योग71
- राजयोग70
Academy of Vedic Vidya के ज्योतिष इंजन द्वारा गणना
दशाओं में आपका जीवन
हर पट्टी एक महादशा है, आपके जीवन का बड़ा ग्रह-काल, जन्म से 90 वर्ष तक।
- गुरु 1986–2000
- शनि 2000–19
- बुध 2019–36
- केतु 2036–43
- शुक्र 2043–63
- सूर्य 2063–69
- चंद्र 2069–79
अध्याय 1शुरुआत के सबसे शुभ दिन
शुक्रवार दोपहर, जब कुंभ लग्न उदय हो
सबसे पहले शुक्रवार, 20 नवंबर 2026, दोपहर 12:41 से 2:07 तक का समय चुनिए; बाकी चार तिथियाँ क्रम से आपके विकल्प हैं।
करण, मेष लग्न और उसका स्वामी मंगल आपसे कहता है कि दरवाज़ा आज ही खोल दो। पर दुकान या दफ़्तर की शुरुआत वह क्षण है जिससे पूरा सफ़र बँधता है, इसलिए पहली पसंद मैं शुक्रवार, 20 नवंबर 2026, दोपहर 12:41 से 2:07 तक की रखता हूँ। इसमें शुक्ल एकादशी है, जो शुरुआत के लिए शास्त्रों को प्रिय तिथि है, और चंद्र बढ़त पर है। नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद है, जिसे व्यापार खोलने के लिए माना गया है। दिन शुक्रवार है, यानी शुभ ग्रह का दिन। आपके जन्म नक्षत्र से संपत तारा बनता है और चंद्र जन्म चंद्र से दसवीं राशि में है। कुंभ लग्न स्थिर है, यानी टिकने वाले काम के लिए ठीक। राहु काल सुबह 10:46 से दोपहर 12:06 तक है, और आपकी घड़ी उसके बाद शुरू होती है।
दूसरी पसंद गुरुवार, 26 नवंबर 2026, दोपहर 12:17 से 1:27 तक है। कृष्ण द्वितीया, मृगशिरा नक्षत्र, गुरु का दिन, मित्र तारा, चंद्र जन्म चंद्र वाली राशि में और कुंभ लग्न। ध्यान रहे कि राहु काल दोपहर 1:27 से शुरू होता है, इसलिए समय पर पहुँचें। तीसरी पसंद बुधवार, 21 अक्टूबर 2026, दोपहर 2:38 से शाम 4:05 तक है। शुक्ल एकादशी, धनिष्ठा नक्षत्र, मित्र तारा, चंद्र नौवीं राशि में और कुंभ लग्न। इसका राहु काल दोपहर 12:05 से 1:30 तक है।
चौथी पसंद बुधवार, 11 नवंबर 2026, सुबह 9:30 से 10:43 तक है। शुक्ल द्वितीया, अनुराधा नक्षत्र, संपत तारा और चंद्र छठी राशि में। इस दिन ज्येष्ठा नक्षत्र सुबह 11:38 से शाम 5:29 तक रहता है, इसलिए उससे बचें। पाँचवीं पसंद शुक्रवार, 8 जनवरी 2027, दोपहर 1:56 से 3:04 तक है। उत्तराषाढ़ा नक्षत्र, साधना तारा, चंद्र सातवीं राशि में और स्थिर वृषभ लग्न। यहाँ पूर्वाषाढ़ा सुबह 7:15 से 9:13 तक और राहु काल सुबह 11:09 से दोपहर 12:27 तक छोड़ना है। पूरी अवधि बुध की महादशा और बुध/चंद्र अंतर्दशा में आती है, जिसमें चंद्र मज़बूत है।
मेष लग्न वाला आज ही दुकान खोलना चाहता है, पर आपकी कुंडली कहती है कि सही घड़ी का इंतज़ार ही आपकी असली शुरुआत है।
आपके लिए इसका अर्थ
पहली घड़ी पर टिके रहिए और बाकी चार को केवल विकल्प मानिए। नवंबर 2026 की दोनों तिथियाँ, यानी 20 और 26 नवंबर, दोपहर की हैं, इसलिए सामान, कागज़ और लोग पहले से तैयार रखें ताकि शुभ घड़ी में काम हड़बड़ी में न हो। शुरुआत ठीक उसी समय करें जब घड़ी की सुई आपके समय पर हो और राहु काल बीत चुका हो। यदि किसी कारण पहली दो न बनें तो बैकअप भी हैं। सोमवार, 26 अक्टूबर 2026, दोपहर 2:54 से 3:45 तक और सोमवार, 12 अक्टूबर 2026, सुबह 9:14 से 10:40 तक, जिसमें तारा बल आपके जन्म नक्षत्र से सबसे अच्छा, परम मित्र तारा है।
आपकी कुंडली में मंगल मज़बूत सहायक है और चंद्र-मंगल योग पहल और साहस से कमाई सिखाता है। इसलिए शुरुआत के दिन हिम्मत रखें, पर बुध कमज़ोर है, इसलिए लिखित हिसाब और समझौते पर पूरा ध्यान दें। चाहें तो बुध के लिए मंत्र और दान वैकल्पिक रूप से कर सकते हैं। रत्न में लाल मूँगा आपका जीवन रत्न है, पर पन्ना न पहनें, और कोई भी रत्न पूरी कुंडली जँचवाकर ही धारण करें।
अध्याय 2ये दिन कैसे चुने गए
वह घड़ी जो आपके जन्म-नक्षत्र से तय हुई
पहली पसंद शुक्रवार, 20 नवंबर 2026, दोपहर 12:41 से 2:07 तक है, और चल रही बुध/चंद्र अंतर्दशा पहल और नई शुरुआत के लिए अनुकूल है।
करण, ये तारीख़ें किसी सामान्य पंचांग से नहीं उठाई गईं। इन्हें आपके जन्म के चंद्र, यानी मिथुन राशि और पुनर्वसु नक्षत्र, से पढ़ा गया है। सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 से शनिवार, 9 जनवरी 2027 के बीच नई दिल्ली में दुकान या दफ़्तर खोलने के लिए 90 दिन देखे गए। केवल 25 दिनों में कम से कम एक अच्छी खिड़की मिली और 65 दिन छोड़ दिए गए। छँटाई के मुख्य कारण ये रहे: 21 दिन नक्षत्र व्यापार के लायक़ नहीं था, 16 दिन जन्म-तारे से प्रतिकूल तारा था, 11 दिन रिक्त तिथि थी और 7 दिन चंद्राष्टम था।
कसौटी मुहूर्त चिंतामणि की है। व्यापार के नक्षत्र लिए गए: अश्विनी, रोहिणी, मृगशिरा, पुष्य, हस्त, चित्रा, अनुराधा, रेवती, तीनों उत्तरा, श्रवण और धनिष्ठा। वार में बुध, गुरु और शुक्र सर्वश्रेष्ठ माने गए और सोमवार अच्छा। टिकाऊ काम के लिए स्थिर लग्न चुना गया: वृष, सिंह, वृश्चिक या कुंभ। चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी, अमावस्या, भद्रा, राहु काल, यमगंड, गुलिक, व्यतीपात, वैधृति, जन्म-तारे से 3, 5, 7वाँ तारा और चंद्राष्टम पूरी तरह वर्जित रहे। समय सुबह 9 से शाम 6 के बीच रखा गया। इसीलिए पहली पसंद शुक्रवार, 20 नवंबर 2026, दोपहर 12:41 से 2:07 तक है। उस दिन शुक्ल एकादशी है, उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र है, शुक्रवार है, संपत् तारा है, चंद्र आपके चंद्र से 10वीं राशि में है और कुंभ लग्न उदित है। राहु काल सुबह 10:46 से दोपहर 12:06 तक रहेगा, उससे दूर रहें।
अब दशा। बुध की महादशा जून 2036 तक चल रही है। बुध व्यापार का ग्रह है और आपकी कुंडली में लाभ के 11वें भाव में गुरु के साथ बैठा है। पर वह अस्त, वक्री और कमज़ोर है, इसलिए जल्दबाज़ी और काग़ज़ की चूक से बचना होगा। जुलाई 2026 से दिसंबर 2027 की बुध/चंद्र अंतर्दशा में मज़बूत चंद्र पहल देता है। चंद्र-मंगल योग और राज योग इसी समय सक्रिय हैं, यानी साहसी शुरुआत से कमाई की संभावना बनती है। आपकी सभी तिथियाँ इसी अवधि में पड़ती हैं।
क्या करें
पहली पसंद पर टिकें और बाक़ी को सचमुच बैकअप मानें। क्रम यह है: गुरुवार, 26 नवंबर 2026, दोपहर 12:17 से 1:27 तक; बुधवार, 21 अक्टूबर 2026, दोपहर 2:38 से शाम 4:05 तक; बुधवार, 11 नवंबर 2026, सुबह 9:30 से 10:43 तक; शुक्रवार, 8 जनवरी 2027, दोपहर 1:56 से 3:04 तक। फिर बैकअप: सोमवार, 26 अक्टूबर 2026, दोपहर 2:54 से 3:45 तक और सोमवार, 12 अक्टूबर 2026, सुबह 9:14 से 10:40 तक। हर तारीख़ पर अपने राहु काल से बचें। 11 नवंबर को सुबह 11:38 के बाद ज्येष्ठा नक्षत्र रहता है, इसलिए उस दिन मुहूर्त के भीतर ही शुरू करें।
बुध कमज़ोर है, इसलिए सारे काग़ज़, हिसाब और सामान मुहूर्त से पहले तैयार रखें और मुहूर्त पर केवल पहला छोटा, शुभ कदम उठाएँ। आपकी कुंडली में कर्म भाव का स्वामी शनि कमज़ोर और वक्री है। नाम धीरे-धीरे बनेगा, इसलिए नियमित और व्यवस्थित काम पर टिके रहें। दिसंबर 2027 से दिसंबर 2028 की बुध/मंगल अंतर्दशा में वही योग सक्रिय रहेंगे, यानी विस्तार का अगला दौर। चाहें तो बुधवार को बुध का मंत्र जपें और दान करें। रत्न केवल क्लासिकल नियम के अनुसार है: जीवन-रत्न मूँगा, और पन्ना वर्जित। कोई भी रत्न ज्योतिषी से पूरी कुंडली जाँचकर ही पहनें। क़ानूनी या वित्तीय निर्णय अपने सलाहकार से लें।
अध्याय 3उस दिन
बारह इकतालीस का क्षण, आपकी शुरुआत का
शुक्रवार, 20 नवंबर 2026 को दोपहर 12:41 बजे खिड़की खुलते ही मुख्य काम करें, 2:07 तक पूरा करें, और सुबह 10:46 से 12:06 के राहु काल से दूर रहें।
करण, आपका मेष लग्न हर काम सबसे पहले और सबसे तेज़ करना चाहता है। पर आपका पहला मुहूर्त सुबह नहीं, दोपहर का है। शुक्रवार, 20 नवंबर 2026 को सुबह 10:46 से दोपहर 12:06 तक राहु काल रहेगा। उस समय कोई शुरुआत नहीं होनी चाहिए, चाहे दुकान या दफ़्तर पूरी तरह तैयार क्यों न हो। राहु काल निकलने के बाद शुभ घड़ी दोपहर 12:41 बजे खुलती है और 2:07 बजे तक चलती है। कुल 86 मिनट हैं।
असली काम यानी पहली बिक्री, पहला हस्ताक्षर, रजिस्ट्रेशन या उद्घाटन, खिड़की खुलते ही 12:41 के आसपास कीजिए। इसे 2:07 की ओर खिसकने मत दीजिए। सजावट, कागज़, चाबी, पूजा की थाली और पहला ग्राहक या गवाह पहले से तैयार रखिए, ताकि घड़ी आने पर बस शुरू करना बाकी रहे। इस दिन शुक्ल एकादशी है, नक्षत्र उत्तर भाद्रपद है जो व्यापार खोलने के लिए ग्रंथों में बताया गया है, और वार शुक्रवार है। आपके जन्म नक्षत्र से संपत तारा बनता है और चंद्र आपकी जन्म राशि से दसवीं राशि में है। कुंभ लग्न स्थिर है, यानी टिकने वाले काम के लिए अच्छा।
अभी बुध की महादशा में चंद्र की अंतर्दशा चल रही है, जो दिसंबर 2027 तक रहेगी। चंद्र आपकी कुंडली में मज़बूत है और तीसरे भाव में बैठा है, जो पहल और मेहनत का भाव है। चंद्र-मंगल योग साहस से कमाई की ओर इशारा करता है। पर बुध कमज़ोर, अस्त और वक्री है। इसलिए हस्ताक्षर, लाइसेंस, हिसाब और बिल जैसे ब्योरे आपके यहाँ दो बार जाँचने लायक हैं।
चुना हुआ दिन, घंटा-दर-घंटा
शुक्रवार, 20 नवंबर 2026
- आपका समय: दोपहर 12:41 से 2:07 तक
- गुलिक काल: सुबह 8:07 से 9:27 तक
- राहु काल: सुबह 10:46 से दोपहर 12:06 तक
- यमगंड: दोपहर 2:46 से शाम 4:05 तक
क्या करें
उस दिन का क्रम सरल रखिए। सुबह जगह की सफ़ाई कीजिए और राहु काल में कोई नया काम मत छेड़िए। 12:41 से कुछ पहले गणेश जी का स्मरण कर दीपक जलाइए, फिर घड़ी खुलते ही मुख्य काम कीजिए। उसके बाद पहली कमाई या पहला कागज़ श्रद्धा से पूजा स्थान पर रखिए। शुक्रवार लक्ष्मी का दिन है और आपकी कुंडली में शुक्र बहुत मज़बूत, उच्च का है। इसलिए उस दिन मीठा बाँटना और शांत, प्रसन्न मन से काम शुरू करना अच्छा रहेगा।
बुध को शांत करने के लिए मंत्र और दान सुझाए गए हैं, चाहें तो वैकल्पिक रूप से अपना सकते हैं। पन्ना आपके लिए नहीं बताया गया है। मंगल जीवन रत्न मूँगा है, पर कोई भी रत्न ज्योतिषी से पूरी कुंडली मिलवाकर ही पहनिए। अगर किसी कारण 20 नवंबर निकल जाए, तो अगला विकल्प गुरुवार, 26 नवंबर 2026 है, दोपहर 12:17 से 1:27 तक। उस दिन 1:27 से राहु काल शुरू हो जाता है, इसलिए काम उससे पहले पूरा कर लीजिए।
आपके समय
इस रिपोर्ट की हर तिथि, एक जगह: हर अवधि कब खुलती और बंद होती है, आपकी उम्र, और वह किस बात के लिए अच्छी है।
- अच्छा समय
आपकी पहली अवधि · जून 2019 – जून 2036 · बुध महादशा: व्यापार का लंबा आधार · उम्र 33–50
बुध व्यापार का ग्रह है और 11वें भाव में है, पर अस्त और वक्री होने से सतर्कता और साफ़ काग़ज़ी काम माँगता है।
- सबसे अच्छा समय
आपकी दूसरी अवधि · जुलाई 2026 – दिसंबर 2027 · बुध/चंद्र अंतर्दशा, जिसमें सभी तिथियाँ आती हैं · उम्र 40–41
जुलाई 2026 से दिसंबर 2027 तक चंद्र की अंतर्दशा है और राजयोग तथा चंद्र-मंगल योग सक्रिय हैं, इसलिए नवंबर 2026 की शुरुआत इसी बल के साथ होगी।
- अच्छा समय
आपकी तीसरी अवधि · दिसंबर 2027 – दिसंबर 2028 · बुध/मंगल अंतर्दशा: विस्तार का दौर · उम्र 41–42
राज योग और चंद्र-मंगल योग यहाँ भी सक्रिय रहते हैं, इसलिए शुरुआत के बाद काम बढ़ाने और जमाने का अच्छा समय है।
आगे की हर दशा
- बुध / चंद्रअभीजुलाई 2026 – दिसंबर 20271
- बुध / मंगलदिसंबर 2027 – दिसंबर 20281
क्या करें
इस रिपोर्ट के कदम, क्रम से।
- शुक्रवार, 20 नवंबर 2026 की घड़ी 12:41 से 2:07 के लिए सारा सामान और कागज़ पहले तैयार रखें और राहु काल के बाद ही शुरुआत करें।
- पहली दो तिथियाँ न बनें तो गुरुवार, 26 नवंबर 2026 को दोपहर 12:17 से 1:27 तक का समय लें और 1:27 से पहले शुरुआत पूरी कर लें।
- बुध को शांत रखने के लिए शुरुआत से पहले मंत्र और दान करें, और किसी भी रत्न को पहनने से पहले ज्योतिषी से पूरी कुंडली जँचवाएँ।
- शुक्रवार, 20 नवंबर 2026 को दोपहर 12:41 से 2:07 के बीच शुरू करें और सुबह 10:46 से दोपहर 12:06 के राहु काल से बचें।
- मुहूर्त से पहले सारे काग़ज़ और तैयारी पूरी रखें, क्योंकि बुध अस्त और वक्री है, और 20 नवंबर न बन पाए तो 26 नवंबर 2026 की दोपहर 12:17 से 1:27 की खिड़की लें।
- बुधवार को बुध के मंत्र-जप और दान से शुरू करें, और मूँगा जैसा कोई रत्न ज्योतिषी से पूरी कुंडली जाँचवाकर ही पहनें।
याद रखने की तिथियाँ
- आपकी पहली अवधि खुलती हैजून 2019
- आपकी दूसरी अवधि खुलती हैजुलाई 2026
- आपकी दूसरी अवधि पूरी होती हैदिसंबर 2027
- आपकी तीसरी अवधि खुलती हैदिसंबर 2027
- आपकी तीसरी अवधि पूरी होती हैदिसंबर 2028
- आपकी पहली अवधि पूरी होती हैजून 2036
आगे सोचने के प्रश्न
आपकी कुंडली जो प्रश्न उठाती है, जिन्हें एक लिखी रिपोर्ट अकेले तय नहीं कर सकती।
- मेरे साझेदार या परिवार की कुंडली देखकर क्या 20 नवंबर 2026 की घड़ी हम सबके लिए भी ठीक बैठती है?
- दुकान या दफ़्तर के द्वार की दिशा और उद्घाटन की पूजा-विधि मेरी कुंडली के हिसाब से कैसे तय करूँ?
- क्या मेरे व्यवसाय का स्वरूप और टीम देखते हुए 20 नवंबर 2026 ही सबसे ठीक है, या 26 नवंबर 2026 बेहतर रहेगी?
- मेरे साझेदार या परिवार के सदस्य की कुंडली साथ देखकर क्या यह मुहूर्त हम दोनों के लिए बैठता है, और मेरे कमज़ोर बुध के लिए कौन-से उपाय मेरी दिनचर्या में फिट होंगे?
यह कैसे पढ़ा गया
- आपकी कुंडली निरयण राशिचक्र में लाहिरी (चित्रापक्ष) अयनांश, पूर्ण-राशि भाव और माध्य राहु-केतु से, जन्म के समय ग्रहों की सटीक स्थिति से बनाई गई है।
- समय विंशोत्तरी दशा से है: महादशा और उसकी अंतर्दशाएँ, जन्म के समय चंद्र के नक्षत्र से।
- योग, दोष, ग्रह-बल और समय अकादमी के नियमों से निकाले गए हैं, वही जिनसे उसके ज्योतिषी पढ़ते हैं, और इस रिपोर्ट की हर बात आपकी कुंडली की किसी स्थिति पर टिकी है।
- मंत्र अकादमी के मंत्र-संग्रह से हैं, देवनागरी में, उच्चारण और अर्थ के साथ; रत्न लग्न, पंचम और नवम भाव के स्वामियों के शास्त्रीय नियम से हैं।
- तिथियाँ महीने और साल में दी गई हैं। समय बताता है कि कुंडली किसी बात का सबसे साफ़ साथ कब देती है; यह किसी घटना की गारंटी नहीं।
इस रिपोर्ट के शब्द
- लग्न
- जन्म के समय उदित राशि: पहला भाव, और पूरी कुंडली का आधार।
- भाव
- जीवन के बारह क्षेत्रों में से एक, स्वयं (पहला) से लेकर व्यय और मुक्ति (बारहवाँ) तक।
- महादशा
- विंशोत्तरी दशा का बड़ा ग्रह-काल, छह से बीस वर्ष का।
- अंतर्दशा
- महादशा के भीतर का उप-काल, जिसे दूसरा ग्रह चलाता है।
- नक्षत्र
- 27 चंद्र-नक्षत्रों में से एक; आपका जन्म नक्षत्र चंद्र का है।
- योग
- ग्रहों का मेल जो शास्त्र के अनुसार फल देता है, जैसे राजयोग या धनयोग।
- कारक
- किसी विषय का सूचक ग्रह: विवाह के लिए शुक्र, धन और संतान के लिए गुरु।
- अस्त
- सूर्य के बहुत पास का ग्रह, जिसका फल देर से या प्रयास से आता है।
- वक्री
- पीछे चलता दिखने वाला ग्रह; उसके विषय पूरे होने के लिए लौटते हैं।
- उच्च, नीच
- अपनी सबसे बलवान राशि में ग्रह, या सबसे कमज़ोर में।
- बीज मंत्र
- ग्रह का बीज मंत्र, 108 मनकों की माला पर।
- शुक्ल पक्ष
- अमावस्या से पूर्णिमा तक का पखवाड़ा: आरंभ का समय।
- मुहूर्त
- पंचांग से चुना शुभ दिन और समय।
- साधना
- तय दिनों तक, यहाँ चालीस, रोज़ एक ही समय की जाने वाली उपासना।
- राहु काल
- रोज़ लगभग डेढ़ घंटे का समय, जो आरंभ के लिए ठीक नहीं।
- चंद्रबल
- आपके जन्म चंद्र से गिना गया दिन का चंद्रमा: आठवीं राशि टाली जाती है।
करण, आपकी कुंडली में पहल की ताक़त है और मंगल का सहारा भी। इसलिए मेरी सीधी सलाह है कि शुक्रवार, 20 नवंबर 2026, दोपहर 12:41 से 2:07 तक शुरुआत कीजिए। शुक्ल एकादशी, उत्तर भाद्रपद, शुक्रवार, कुंभ लग्न, संपत तारा और दशम चंद्रबल, ये सब इस घड़ी को मज़बूत बनाते हैं। सुबह 10:46 से दोपहर 12:06 तक का राहु काल छोड़ दीजिए। दूसरा विकल्प गुरुवार, 26 नवंबर 2026, दोपहर 12:17 से 1:27 तक है। तीसरा बुधवार, 21 अक्टूबर 2026, दोपहर 2:38 से शाम 4:05 तक है। मुहूर्त शुरुआत को सहारा देता है, पर आगे की मेहनत, हिसाब की सफ़ाई और साझेदारी में सतर्कता आपके अपने हाथ में है।
- मानक संस्करण
- हिंदी
- 12 अक्टूबर 2026 को लिखी गई
आपकी कुंडली से मार्गदर्शन, निश्चितता नहीं। चिकित्सा, कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं। कोई भी रत्न तभी पहनें जब ज्योतिषी आपकी पूरी कुंडली से उसकी जाँच कर लें; नीलम और लहसुनिया पहले परखकर पहने जाते हैं।